Ashtak

लिंगाष्टकम | Lingashtakam

।। लिंगाष्टकम ।। ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गम् निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥   देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गम् कामदहम् करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गम् तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्

लिंगाष्टकम | Lingashtakam Read More »

गोविन्दाष्टकम् | Govindashtakam

।। गोविन्दाष्टकम् ।। चिदानन्दाकारं श्रुतिसरससारं समरसं निराधाराधारं भवजलधिपारं परगुणम् । रमाग्रीवाहारं व्रजवनविहारं हरनुतं सदा तं गोविन्दं परमसुखकन्दं भजत रे ॥

गोविन्दाष्टकम् | Govindashtakam Read More »

Scroll to Top