Sacred Temple at Sunrise
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Om Symbol with Rudraksha

विष्णु मूल मंत्र

शान्ताकारं भुजगशयनं

पद्मनाभं सुरेशम्।

विश्वाधारं गगनसदृशं

मेघवर्ण शुभाङ्गम्॥

अर्थ: जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शय्या पर शयन करते हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो देवताओं के भी ईश्वर हैं और संपूर्ण जगत के आधार हैं।

🕊️शांति
🌟आध्यात्मिक उन्नति
🙏सफलता

मंत्र जाप कैसे करें

सही विधि से मंत्र जाप करें और अधिकतम फल प्राप्त करें

1
🧘

शुद्धि और ध्यान

स्नान करके पवित्र स्थान पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। मन को शांत करें।

2
📿

संकल्प लें

रुद्राक्ष या तुलसी की माला धारण करें। अपने इष्ट देव का स्मरण करें और संकल्प लें।

3
🕉️

मंत्र जाप

शुद्ध उच्चारण के साथ 108 बार या निश्चित संख्या में मंत्र का जाप करें। एकाग्रता बनाए रखें।

4
🪔

समापन

जाप पूर्ण होने पर भगवान को प्रणाम करें और फल समर्पित करें। नियमित अभ्यास करें।

रुद्राक्षु क्या है?

रुद्राक्षु एक दिव्य डिजिटल मंच है जो प्राचीन वैदिक मंत्रों, स्तोत्रों, चालीसाओं और आरतियों को आधुनिक रूप में प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है कि हर भक्त को शुद्ध और प्रामाणिक पवित्र ग्रंथ सरलता से उपलब्ध हों।

प्रामाणिक ग्रंथ

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24/7 उपलब्ध

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